Client Server Architecture क्या है ? | Client Server Architecture in Hindi

आपका हमारी Website पर स्वागत है। इस Article में हम जानने वाले है की Client-Server Architecture क्या है ? | Client-Server Architecture in Hindi। आपने कहीना कही "Client" , "Server" , " Request " , " Response " ऐसे Word तो सुने ही होंगे। पर क्या आप जानते है की "Client Server Architecture" आखिर होता क्या है ?। यदि नहीं तो इस Post में हम इसके बारेमे Complete Details Cover करने वाले है। तो चलिए शुरू करते है....


Client_Server_Architecture_Complete_Details_in_Hindi


Page Content


Client Server Architecture क्या है ??

Client Process क्या है ??

Server Process क्या है ??

Example of Client Server Architecture 

Two Tier Architecture

Three Tier Architecture

Client Server Architecture के फायदे 

Client Server के नुकशान


Client Server Architecture क्या है ??


Client Server Architecture एक ऐसा Network Architecture होता है जिसमे Network से जुड़ा हुआ Computer या तो Server होता है या Client होता है। Server में Client द्वारा use होने वाले Resources / Data / Information होता है। 



Client Information / Data के लिए Server को Request करता है और Server , Client को उस Request का Response देता है। और ऐसे बहुत से Client मिलकर Server को Request करते है जिससे एक Centralized Architecture बनता है जिसे Client-Server Architecture कहा जाता है। 



Server , Client के Resources / Services को Host और Manage करता है। Client Server Architecture को Network Computer Model या Client Server Network के रूप में जाना जाता है। Server Computer में Printer Server , File Server , Network Server को Manage करने के लिए Dedicated Process होती है। 



Client यानिकि Normal Computer/PC है जिसमे User Application चलाता है। इस प्रकार से Client Server Architecture बनता है। Client Server Architecture LAN , WAN और Internet के Environment में Work करता है। 



Client Process क्या है ??



Client Server Architecture में Client की Process Server को Request करने की होती है। यानिकि Client Computer एक ऐसा Software होता है जो Server को Request करता है। और फिर Client , Server के Response को Receive करता है। Client Program Application / Software के User Interface को Manage करता है। 



Client के Through User Server को Request भेजता है जिसे एक प्रकार से Client को Front - end भी कह सकते है। Client , System के Local Resources को Manage करता है जैसे की Monitor , Printer , Keyboard। Client का Main Element GUI - Graphical User Interface होता है। 



Server Process क्या है ??



Server Process में Server , Client द्वारा की गई  Request का Response देता है। Client अपनी Working Process और Speed बढ़ाने के लिए कोई एक Powerful Processor वाले Computer में अपने सारे Resources , Data , Information Store करते है। जिसे Client Request करके इस Data को Access कर सकते। 



Client Server Architecture से Data के आलावा Hardware और Software के Resources भी Share किये जा सकते है। जैसे की अगर किसी Big Company में Printer का Access लेने के लिए Client Server Architecture का Use कर सकते है। जिसे Printing Process Fast बन जाती है। इस प्रकार से Server Application में Backend का Role Play करता है। 



Example of Client Server Architecture 



Two Tier Architecture : 



इस Type के Architecture में Client और Server के बिच कोई intermediate नहीं होता। User interface से User जो भी Request करता है यह Request Direct Server को मिलती है। और Server (Database का Use करके ) से Response User Computer को मिलता है। इस प्रकार के Architecture को Two Tier Architecture कहते है। 



Three Tier Architecture : 



Three Tier Architecture में Client और Server के बिच एक Middleware होता है। Client की Request Middleware के Through Server तक पहुँचती है। Two Tier Architecture की कमी को दूर करने के लिए Three Tier Architecture को बनाया गया है। 



Example of Three Tier Architecture :



जबभी हम Google Chrome , Safari जैसे Web Browser से Request करते है तो यह हमारे Client कहलाते है।

 


यह Request एक Intermediate Server पर Transfer होती है जैसे के Application Server 



और Third Step में यह Request Main Server की जहा Data Available है वहा पर पहुँचती है और फिर Client को Intermediate Server के Through Response मिलता है। 




Client Server Architecture के फायदे 



  • Client Server Architecture में Data ,Single Place पर Centralized होता है। जिसे Authorization और Authentication जैसी Technique का Use करके Protect करना Easy हो जाता है। 
  • इस प्रकार से Architecture में Hardware और Software Resources को भी Share कर सकते है। Like Printer 
  • यह Architecture में अगर Client Computer में कोई issue होते है तो उसका प्रभाव दूसरे Client पर नहीं पड़ता। Other Client , Server को Request कर सकते है। 
  • इस प्रकार के Model का Use Data को एक Client से दूसरे Client तक Transfer करने के लिए भी होता है। 
  • इस Model से सभी Client का Working Process Fast हो जाता है। 



Client Server के नुकशान 


  • यदि किसी Reason से Server Fail हो जाए तो Client की Request को Fulfill नहीं किया जा सकता। यही Client Server Model का सबसे बड़ा Disadvantages है। 
  • Client Server Architecture को Manage करना थोड़ा Costly है। 
  • अगर Clients एक साथ Server को Request करते है तो कभी कभी Server Overloaded हो सकता है। जिससे Network में Blockage  (Traffic jam) होने की संभावना है। 



Conclusion 



हमें उम्मीद है की आपको आज का हमारा यह यानी Client Server Architecture क्या है ? | Client Server Architecture in Hindi पूरी तरह से समज में आया होगा और मुझे यकीन है की आपको इस Article को पढ़कर काफी जानकारी भी मिली होगी.



यदि आपको हमारा यह लेख Client Server Architecture क्या है ? | Client Server Architecture in Hindi पसंद आया है तो आप इसे अपने दोस्तों और अपने सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे. जिससे वह लोग भी इस जानकारी का फायदा उठा सके और यह जान सके. 


 

मुझे यकीन है की अब तक आपने यह Client Server Architecture क्या है ? | Client Server Architecture in Hindi शेयर भी कर दिया होगा. हमारी हंमेशा से ही यह कोशिश रहती है की हम हमारे Readers को एकदम सही और सटीक जानकरी प्रदान करे. ताकि आप लोगो को  इन्टरनेट पर कही और जा कर Search करने की जरुरत न पड़े और आपका समय भी बच सके.



अगर अभी भी आपके मन में Client Server Architecture क्या है ? | Client Server Architecture in Hindi इसके बारे में कोई सवाल या डाउट है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताये. हम आपको जानकारी देने की पूरी कोशिश करेंगे ।  



Also Read This

Post a Comment

0 Comments